सहमा सहमा डरा सा रहता है, जाने क्यूँ जी भरा सा रहता है. जब भी ये…
क्या जानिए किस बात पे मग़रूर रही हूँ कहने को तो जिस राह चलाया है…
क्या जानिए किस बात पे मग़रूर रही हूँ कहने को तो जिस राह चलाया है…
सहमा सहमा डरा सा रहता है, जाने क्यूँ जी भरा सा रहता है. जब भी ये…
सहमा सहमा डरा सा रहता है, जाने क्यूँ जी भरा सा रहता है. जब भी ये…
"झुकी झुकी सी नज़र" बेक़रार है कि नहीं दबा दबा सा सही दिल में प्यार…
ग़ालिब को मुख्यतः उनकी उर्दू ग़ज़लों को लिए याद किया जाता आज। जानिए मिरज़ा ग़ालिब…
बैठा है मेरे सामने वो जाने किसी सोच में पड़ा है अच्छी आँखें मिली हैं उस को वहशत…
रिश्ते बस रिश्ते होते हैं कुछ इक पल के कुछ दो पल के कुछ परों से हल्के होते हैं बरसों…
सहमा सहमा डरा सा रहता है, जाने क्यूँ जी भरा सा रहता है. जब भी ये दिल उदास होता है जाने कौन…
हमेशा हात में रहते हैं फूल उन के लिए किसी को भेज के मंगवाने थोड़ी होते हैं 'शुऊर' ख़ुद…
"झुकी झुकी सी नज़र" बेक़रार है कि नहीं दबा दबा सा सही दिल में प्यार है कि नहीं. तू अपने…
आइना देख कर तसल्ली हुई, हम को इस घर में जानता है कोई। Looking in the mirror, I felt relieved…
या रब वो न समझे हैं न समझेंगे मेरी बातदे और दिल उन को जो न दे मुझ को ज़बां…
Sign in to your account
